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ट्राफी विवाद पर गुस्साई डायना इडुल्जी, बीसीसीआई अध्यक्ष पर लगाया बड़ा आरोप

नई दिल्ली : हाल में यह खबर सुर्खियों में रही थी कि प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना इडुल्जी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीजन 12 में विजेता को ट्रॉफी देना चाहती थी। डायना ने इन खबरों को एकतरफा बताते हुए दख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट अधूरी है। अगर मीडिया में खबर आनी ही थी तो पूरी आनी चाहिए थी। मामला वह नहीं जो बताया जा रहा है, बल्कि कुछ और है।

पहली पसंद सीओए के अध्यक्ष विनोद राय थे

डायना ने कहा कि आठ अप्रैल को सीओए की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने दिल्ली में हुए मैच के दौरान ट्रॉफी देने का अपना अधिकार का त्याग कर दिया था। उन्होंने प्रोटोकॉल की परवाह नहीं की थी। एक राज्य संघ के अध्यक्ष को ट्रॉफी देने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष पद की गरिमा को नजरअंदाज किया था। इसलिए आईपीएल की ट्रॉफी सीओए सदस्य को देनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पहली पसंद के तौर पर सीओए अध्यक्ष विनोद राय का नाम सुझाया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि राय फाइनल में मौजूद रहेंगे तो वही ट्रॉफी देंगे, लेकिन राय ने कहा था कि वह नहीं आएंगे। इसके बाद उन्होंने अपना और सीओए के एक और सदस्य थोड़गे का नाम सुझाया। उन्होंने कहा था कि उन दोनों में से कोई भी ट्रॉफी दे सकता है।

भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज में नहीं दी थी ट्रॉफी

एडुल्जी ने कहा कि खन्ना ने फाइनल से कुछ दिन पहले एक मेल किया था। इससे उन्होंने प्लान बदलने को लेकर सवाल किया था, लेकिन वहीं खन्ना ने उस मेल का कोई जवाब नहीं दिया कि क्यों बीसीसीआई अध्यक्ष ने फिरोज शाह कोटला मैदान पर हुए भारत और आस्ट्रेलिया के बीच अंतिम मैच में ट्रॉफी क्यों नहीं दी। डायना ने बताया कि फाइनल से कुछ दिन पहले खन्ना ने कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी का 2017 में लिखा एक मेल फॉरवर्ड किया था। इसमें लिखा था कि बीसीसीआई अध्यक्ष ही ट्रॉफी देंगे। 2017 का मेल खन्ना की ओर से दोबारा भेजा जाना ओछी हरकत थी। वह 2018 में आईपीएल फाइनल में ट्रॉफी दे चुके थे। लगता है कि वह भूल गए थे कि दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर खेले गए भारत और आस्ट्रेलिया मैच के दौरान उन्होंने ट्रॉफी देने के अपने अधिकार का त्याग कर दिया था। इडुल्जी ने कहा कि कार्यकारी सचिव खन्ना को इस बाबत कई मेल कर चुके हैं कि उन्होंने किस आधार पर डीडीसीए अध्यक्ष को अपनी मौजूदगी में ट्रॉफी देने दी, लेकिन इन मेल्स का खन्ना ने अभी तक कोई जबाव नहीं दिया है।

इडुल्जी ने कहा- उनका मकसद ट्रॉफी देना नहीं था

इडुल्जी ने यह भी बताया कि फाइनल के दौरान खन्ना ने किस तरह मुसीबत खड़ी की और राई का पहाड़ बनाया। फाइनल के दिन खन्ना का पूरा ध्यान ट्रॉफी देने पर था। वह अपनी जेब में 2017 के मेल की कॉपी लेकर घूम रहे थे। इडुल्जी ने कहा कि जबकि उनको या जनरल को ट्रॉफी देना चाहिए था, क्योंकि दिल्ली में खन्ना ने परंपरा का पालन नहीं किया था। अगर उनका मकसद सिर्फ ट्रॉफी देना होता तो वह इसके के पहले दो सीजनों में इस पर जोर देती। इन दोनों सीजन में वह फाइनल मैच के दौरान मौजूद थीं। उन्होंने यह भी कहा कि एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी होने के नाते वह खेलने के दिनों से ही हमेशा ट्रॉफी लेने के लिए प्रेरित होती हैं। ट्रॉफी देना ऐसी चीज नहीं, जो मुझे प्रेरित कर सके। उनका सिर्फ इतना मानना है कि खन्ना ने दिल्ली में अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई थी। इडुल्जी ने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों ने आधी जानकारी देकर तिल का ताड़ बनाया है। इसकी वजह उनकी असुरक्षा की भावना हो सकती है।



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